माँ की तरह हम पर प्यार लुटाती है प्रकृति बिना मांगे हमें कितना कुछ देती जाती है प्रकृति….. दिन में सूरज की रोशनी देती है प्रकृति रात में शीतल चाँदनी लाती है प्रकृति…… भूमिगत जल से हमारी प्यास बुझाती है प्रकृति और बारिश में रिमझिम जल बरसाती है प्रकृति….. दिन-रात प्राणदायिनी हवा चलाती है प्रकृति मुफ्त में हमें ढेरों साधन उपलब्ध कराती है प्रकृति….. कहीं रेगिस्तान तो कहीं बर्फ बिछा रखे हैं इसने कहीं पर्वत खड़े किए तो कहीं नदी बहा रखे हैं इसने……. कहीं गहरे खाई खोदे तो कहीं बंजर जमीन बना रखे हैं इसने कहीं फूलों की वादियाँ बसाई तो कहीं हरियाली की चादर बिछाई है इसने. मानव इसका उपयोग करे इससे, इसे कोई ऐतराज नहीं लेकिन मानव इसकी सीमाओं को तोड़े यह इसको मंजूर नहीं…….. जब-जब मानव उदंडता करता है, तब-तब चेतवानी देती है यह जब-जब इसकी चेतावनी नजरअंदाज की जाती है, तब-तब सजा देती है यह…. विकास की दौड़ में प्रकृति को नजरंदाज करना बुद्धिमानी नहीं है क्योंकि सवाल है हमारे भविष्य का, यह कोई खेल-कहानी नहीं है….. मानव प्रकृति के अनुसार चले यही मानव के हित म...
Summary News 16.12.25 🌍 World News Summary (हिंदी) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों को लेकर कूटनीतिक बातचीत तेज हुई है और कई देश शांति समाधान पर ज़ोर दे रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव जारी है, महंगाई और ब्याज दरें कई देशों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य और गैर-संक्रामक बीमारियों पर वैश्विक सहयोग बढ़ाने की पहल की गई है। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े नए नियमों पर कई देशों में चर्चा चल रही है। जलवायु परिवर्तन को लेकर पर्यावरण सुरक्षा और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर जोर दिया जा रहा है। मध्य-पूर्व और यूरोप में सुरक्षा हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय संगठनों की सक्रियता बढ़ी है। वैश्विक व्यापार में बड़े निवेश और विलय की संभावनाएँ सामने आ रही हैं। खेल जगत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने सुर्खियाँ बटोरी हैं। शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में डिजिटल स्किल्स को बढ़ावा देने पर कई देशों ने योजनाएँ शुरू की हैं। दुनिया भर में आम जनता से जुड़े मुद्दों—महंगाई, स्वास्थ्य और रोजगार—...
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