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कश्मीर घाटी के उड़ी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बाद क्या करे भारत?

कश्मीर घाटी के उड़ी में भारतीय सेना के शिविर पर आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पाकिस्तान की किसी भी तरह के हमले की तैयारियों के बीच भारत भी सीमा पर अपनी तैयारी मजबूत करने लगा है। करीब 778 किलोमीटर लंबी एलओसी पर जवानों की नए सिरे से और ज्यादा संख्या में तैनाती की जा रही है। साथ ही हथियार और फ्यूल भी जमा किये जा रहे हैं। निश्चित रूप से ये तैयारियां जंग जैसे हालात की तरफ इशारा करती है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ट्वीट में लिखा- हमारे रक्षक आसमान में देश की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। हमारे लड़ाकू विमान पिछले दो दिन से हाई प्रोफाइल लैंडिंग और उड़ान का अभ्यास कर रहे हैं। जियो टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक होने की स्थिति में पाकिस्तान इन टारगेट को तुरंत निशाना बना सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने एक ऑपरेशन की प्लानिंग भी की है। भारतीय सेना की तरफ से अगर चुनौती दी जाती है तो इसे अंजाम दिया जाएगा। 'पाक डिफेंस सोर्सेज का यह भी कहना है कि भारत ने अगर हमला किया तो पाकिस्तान भी चुप नहीं बैठेगा।...

भारत से नंबर एक स्थान दोबारा छीन सकता है पाक : इंजमाम

पाकिस्तान के मुख्य चयनकर्ता इंजमाम उल हक पाकिस्तान और भारत के बीच टेस्ट मैच नहीं होने से ‘निराश’ हैं लेकिन उनका मानना है कि उनका देश अन्य देशों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करके भारत से नंबर एक टेस्ट टीम रैंकिंग वापस छीन सकता है। इंजमाम ने साक्षात्कार में कहा, ‘भारत के 2007 से हमारे खिलाफ टेस्ट मैच खेलने से इनकार करने पर हम क्या कह सकते हैं। मेरे लिए यह निराशाजनक है क्योंकि मैं दोनों देशों में भारत के खिलाफ खेला हूं और कप्तानी की है और मुझे पता है कि दोनों देशों के लोगों और क्रिकेट जगत के लिए ये मैच कितने मायने रखते हैं।’  उन्होंने कहा, ‘हम कुछ नहीं कर सकते लेकिन पाकिस्तान अब भी अन्य टीमों को हराकर भारत से नंबर एक टेस्ट स्थान छीनने में सक्षम है।’ इंजमाम ने कहा कि पाकिस्तान पिछले छह साल से घरेलू सरजमीं पर नहीं खेलने के मुद्दे से उबरने के लिए श्रेय का हकदार है। उन्होंने कहा, ‘भारत को अगले कुछ महीने में घरेलू सरजमीं पर 13 टेस्ट खेलने हैं, हम 2009 से घरेलू मैदान पर नहीं खेले हैं। लेकिन मेरा अब भी मानना है कि पाकिस्तानी टीम कहीं भी और किसी के भी खिलाफ अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।

निठारी हत्या मामला: मामले में मृत्युदंड

गाजियाबाद में एक सीबीआई अदालत ने आज निठारी हत्या मामलों से संबंधित छठे मामले में सुरेन्द्र कोली को मौत की सजा सुनाई। कोली को हत्याओं से जुड़े पांच मामलों में पहले ही मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। विशेष लोक अभियोजक जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि मामले में जिरह पूरी होने के बाद सीबीआई न्यायाधीश पवन तिवारी ने कोली को मौत की सजा सुनाई। यह मामला कोली के नियोक्ता मनिंदर सिंह पंधेर के घर पर काम करने वाली 25 वर्षीय सहायिका से संबंधित है जो 31 अक्तूबर 2006 को लापता हो गई थी। कोली को महिला का अपहरण करने, उसकी हत्या करने और बलात्कार करने तथा सबूत नष्ट करने का दोषी पाया गया। उस पर आईपीसी की धारा 302, 364 और 376 के तहत 10..10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत सात साल कैद की सजा भी सुनाई। किसी भी धारा के तहत जुर्माना न देने पर कोली को चार साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। निठारी मामला वर्ष 2006 में तब सामने आया था जब पुलिस ने नोएडा के इस गांव में पंधेर के आवास के निकट 19 लोगों की खोपड़ियां और हड्डियां पाई थीं। इस मामले की जांच सीबीआई...

अगले महीने रैली करेंगे मुलायम

कौमी एकता दल (कौएद) के समाजवादी पार्टी में विलय की बहाली के हाल में हुए ऐलान के बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव आगामी नवम्बर में कौएद के गढ़ कहे जाने वाले गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में एक रैली को सम्बोधित करेंगे। कौएद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने यहां बताया कि सपा प्रमुख से आज मुलाकात के बाद यह तय किया गया कि मुलायम आगामी नवम्बर में गाजीपुर के मुहम्मदाबाद में एक विशाल रैली को सम्बोधित करेंगे। रैली की तारीख का फैसला दीपावली के बाद किया जाएगा। मौजूदा वक्त में मुहम्मदाबाद से सिबगतउल्ला अंसारी कौएद के विधायक हैं। यह पूछे जाने पर कि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में कौएद के कितने कार्यकर्ता मैदान में उतरेंगे, अफजाल ने कहा कि कौएद अब तो सपा का हिस्सा बन चुकी है। अब सपा का नेतृत्व ही सब कुछ तय करेगा। हम सपा के सिपाही की हैसियत से काम शुरू कर चुके हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि उनके विधायक भाई मुख्तार अंसारी मउ से ही चुनाव लड़ेंगे।

दिल्ली में 'अव्यवस्था' का माहौल : केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज आरोप लगाया कि केंद्र ने दिल्ली सरकार की ओर से बीते डेढ़ वर्षों में लिए गए फैसलों को उप राज्यपाल के माध्यम से अवैध घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू की है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के इस कदम से ‘अव्यवस्था’ पैदा होगी। उप राज्यपाल की सर्वोच्चता पर मुहर लगाने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के 4 अगस्त के आदेश का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश पूर्वप्रभावी नहीं हो सकता है और इसे 4 अगस्त के बाद प्रभावी माना जाएगा।

उत्तर कोरिया के आसमान में छोड़े गए किम जोंग उन की आलोचना वाले पर्चे

उत्तर कोरिया के आसमान में छोड़े गए किम जोंग उन की आलोचना वाले पर्चे सिओल (एएफपी)। दक्षिण कोरिया के कार्यकर्ताओं ने उत्तर कोरिया के नवीनतम परमाणु परीक्षण और बदले की कार्रवाई की धमकी की निंदा करते हुए सीमा पर उसके आकाश में हजारों पर्चे छोड़े। सीमावर्ती शहर पाजू में हेलियम गुब्बारों की मदद से ये पर्चे आसमान में छोड़े गए, जिसमें उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की लोगों के कल्याण से कहीं अधिक तरजीह परमाणु हथियारों को देने को लेकर आलोचना की गई है। पाला बदलने के बाद अब कार्यकर्ता बन चुके पार्क सांग हाक का यह प्रचार कार्यक्रम उत्तर कोरिया के पांचवें और सबसे बड़े परमाणु परीक्षण के बाद विभाजित कोरियाई प्रायद्वीप में उत्पन्न सैन्य तनाव के बीच हुआ है. पिछले हफ्ते यह परीक्षण हुआ था। गुब्बारे छोड़े जाने से चंद घंटे पहले उत्तर कोरिया की सरकारी संवाद समिति केसीएनए ने एक टिप्पणी प्रकाशित की, जिसमें पार्क को ऐसा कचरा करार दिया है जैसा दुनिया में कोई नहीं है। केसीएनए ने कहा कि गुब्बारा छोड़ने की घटना पिछले हफ्ते के परीक्षण की सफलता के जवाब में की गई है और यह दक्षिण कोरिया का टकराव का प्रयास है।

काले धन का खुलासा करने वालों की जानकारियां गुप्त रखी जाएंगी: सरकार

सरकार ने आज बताया कि जिन लोगों ने अनुपालन खिड़की (compliance window) के तहत 30 सितंबर से पहले काले धन के बारे में जानकारियां दी हैं उसे गुप्त रखा जाएगा। इस योजना के तहत मिलने वाली जानकारियों को गुप्त रखने संबंधी चिंताओं के बीच सरकार ने आज एक आधिकारिक बयान में कहा कि वैध घोषणा में निहित जानकारी गोपनीय है और उन्हें साझा नहीं किया जाएगा। इस बयान में कहा गया है कि आयकर आयुक्त, केंद्रीकृत प्रोसेसिंग सेंटर, बेंगलुरू के नाम पर दर्ज कराई गईं घोषणाओं को क्षेत्राधिकार प्रधान आयुक्त/आयुक्त तक के साथ भी साझा नहीं किया जाएगा। साथ ही इस योजना के तहत किए गए भुगतान को क्षेत्राधिकारी भी नहीं देख पाएगा। सीपीसी द्वारा उपलब्ध कराई गई इस प्रणाली के माध्यम से इस तरह के मामलों के लिए फॉर्म-2 और फॉर्म-4 को जारी किए जाने की आवश्यकता है। ठीक उसी प्रकार क्षेत्राधिकार प्रधान आयुक्त या आयुक्त के नाम पर दर्ज कराई गईं घोषणाओं को क्षेत्राधिकार निर्धारण अधिकारी समेत विभाग के अंदर या बाहर के किसी भी अधिकारी के साथ भी साझा नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, इस योजना के तहत किए गए भुगतान को न ही 26एएस स्टेटमेंट में प...