निठारी हत्या मामला: मामले में मृत्युदंड

गाजियाबाद में एक सीबीआई अदालत ने आज निठारी हत्या मामलों से संबंधित छठे मामले में सुरेन्द्र कोली को मौत की सजा सुनाई। कोली को हत्याओं से जुड़े पांच मामलों में पहले ही मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।
विशेष लोक अभियोजक जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि मामले में जिरह पूरी होने के बाद सीबीआई न्यायाधीश पवन तिवारी ने कोली को मौत की सजा सुनाई।
यह मामला कोली के नियोक्ता मनिंदर सिंह पंधेर के घर पर काम करने वाली 25 वर्षीय सहायिका से संबंधित है जो 31 अक्तूबर 2006 को लापता हो गई थी।
कोली को महिला का अपहरण करने, उसकी हत्या करने और बलात्कार करने तथा सबूत नष्ट करने का दोषी पाया गया।
उस पर आईपीसी की धारा 302, 364 और 376 के तहत 10..10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने उसे आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत सात साल कैद की सजा भी सुनाई। किसी भी धारा के तहत जुर्माना न देने पर कोली को चार साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। निठारी मामला वर्ष 2006 में तब सामने आया था जब पुलिस ने नोएडा के इस गांव में पंधेर के आवास के निकट 19 लोगों की खोपड़ियां और हड्डियां पाई थीं।
इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।कुल 19 मामले दर्ज किए गए और तीन मामलों में सबूतों के अभाव के चलते सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। कोली के खिलाफ 16 मामले दर्ज किए गए जिनमें से पांच में अदालत उसे मौत की सजा सुना चुकी है।

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